राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड की धाक, अब तक के इतिहास में पहली बार जीते सौ पदक
उत्तराखंड में चल रहे नेशनल गेम्स में राज्य के खिलाड़ियों का जबरदस्त प्रदर्शन जारी है। उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने विभिन्न खेलों में कई पदक अपने नाम किए हैं। इस शानदार उपलब्धि को लेकर उत्तराखंड सरकार की खेल मंत्री रेखा आर्य ने खुशी जाहिर की और कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। एक दिन पहले तक उत्तराखंड की टीम 97 पदक जीत कर एकदम शतक के मुहाने पर आ गई थी। गुरुवार को एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल समेत तीन पदक जीतकर उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने पदकों का शतक पूरा कर लिया। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि पदकों की संख्या के मामले में अभी तक उत्तराखंड का सर्वाधिक स्कोर गोवा में 24 पदक रहा था। अपने पुराने बेस्ट को चार गुना से भी ज्यादा के अंतर से तोड़ना अपने आप में हमारे खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण की कहानी को बताता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने खिलाड़ियों के पक्ष में उन बड़े फैसलों से माहौल को बदलना शुरू किया, जिनका नतीजा आज देखने को मिल रहा है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना, पदक जीतने पर आउट ऑफ टर्म नौकरी, सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों को 4% आरक्षण, पदक विजेताओं को दोगुनी इनाम राशि, खेल विश्वविद्यालय और महिला स्पोर्ट्स कॉलेज जैसी योजनाओं ने देवभूमि को खेल भूमि बनने की तरफ अग्रसर कर दिया है। इन राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड को कुछ ऐसे खिलाड़ी मिले जिन्होंने गोल्ड मेडल की लाइन लगा दी। मॉडर्न पेंटाथ्लान में हमारे दो एथलीट्स सक्षम सिंह और ममता खाती ने एक ही दिन में तीन-तीन गोल्ड मेडल जीतकर गोल्डन हैट्रिक लगाई। अंकित ध्यानी ने एथलेटिक्स में झंडा गाडते हुए पहले 3000 मी स्टीपलचेज इवेंट में गोल्ड जीता और उसके बाद 5000 मीटर दौड में भी अंकिता गोल्ड लेकर आई। कैनोइंग और क्याकिंग में भी पी.सोनिया ऐसी खिलाड़ी रही जिन्होंने दो गोल्ड मेडल जीते हैं।
