मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में प्रभारी सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार का रुद्रप्रयाग जनपद दौरा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में आम जनमानस तक केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से प्रदेशभर में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रभारी सचिव रुद्रप्रयाग डॉ. आर. राजेश कुमार ने जनपद का दौरा कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया और ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया। जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन के कुशल नेतृत्व में जनपद की 27 न्याय पंचायतों में चरणबद्ध रूप से बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में 05 फरवरी 2026 को न्याय पंचायत सतेराखाल के अंतर्गत ग्राम कमेड़ा में “प्रशासन गांव की ओर” बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता प्रभारी सचिव रुद्रप्रयाग डॉ. आर. राजेश कुमार ने की।
प्रभारी सचिव ने शिविर स्थल पर पहुंचकर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मौके पर ही उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि शिविरों का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि पात्र लोगों को तत्काल लाभ पहुंचाना है। शिविर में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, उद्योग, समाज कल्याण, पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य विभाग (आयुष्मान आरोग्य शिविर), राजस्व विभाग, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास, पूर्ति विभाग सहित अनेक विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। ग्रामीणों को सरकार की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई और पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
शिविर में वृद्धावस्था, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन, आयुष्मान भारत योजना, राशन कार्ड, आधार से संबंधित सेवाएं, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, समान नागरिक संहिता पंजीकरण, राशन कार्ड ई-केवाईसी, एलपीजी केवाईसी, स्वरोजगार एवं आजीविका योजनाओं सहित अनेक सेवाओं का लाभ ग्रामीणों को एक ही स्थान पर प्रदान किया गया, जिससे उन्हें विभागीय कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। शिविर के दौरान आयोजित जनसुनवाई में ग्रामीणों द्वारा कुल 35 समस्याएं रखी गईं। इनमें से 20 समस्याओं का समाधान मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
