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उत्तराखंड की पंचम विधानसभा का सत्र शुरू….राज्यपाल अभिभाषण की ये हैं मुख्य बातें

उत्तराखंड की पंचम  विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत हो चुकी है। सत्र के पहले दिन राज्यपाल लेफ्टीनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने सदन में अभिभाषण  के जरिए सरकार का विजन सामने रखा।

राज्यपाल के अभिभाषण की मुख्य बातें

राज्य में दिव्यांग सलाहकार बोर्ड का गठन किया गया है।

राज्य में अल्पसंख्यक बालिका प्रोत्साहन योजना के अधीन वित्तीय वर्ष 2021-22 में 2990 छात्राओं का आवेदन प्राप्त हुआ है।

उत्तराखण्ड के द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिकों एवं सैनिक विधवाओं की पेंशन को 8 हजार से बढ़ाकर 10 हजार किया गया

जिला देहरादून के गुनियाल गाँव में शौर्य स्थल (सैन्य धाम) के निर्माण हेतु राज्य के शहीद सैनिकों के घर-आंगन की मिट्टी को लाने हेतु शहीद सम्मान यात्रा का आयोजन किया गया।

उत्तराखण्ड के विशिष्ट सेवा पदक पुरस्कारों यथा परम विशिष्ट सेवा मेडल, अतिविशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल, उत्कृष्ट सेवा एवं विशिष्ट सेवा मेडल से विभूषित पदक धारकों की पुरस्कार राशि में वृद्धि की गयी है।

राज्य में विगत चार वर्षों में अठानबे हजार चार सौ बयालीस हेक्टेयर में सात करोड़ छियासी लाख पौधों का रोपण किया गया।

राज्य में लीसा विदोहन द्वारा प्रति वर्ष लगभग एक लाख क्विटल जीरो का विदोहन किया जाता है, जिससे लगभग पचपन करोड राजस्व की प्राप्ति के साथ-साथ

लगभग बारह लाख मानव दिवस रोजगार सृजन होता है। भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखण्ड राज्य के बनावरण में 8 वर्ग किमी० की वृद्धि हुई है।

औद्योगिक इकाईयों में कम प्रदूषणकारी ईंधन को प्रयुक्त किये जाने के उद्देश्य से एल०पी०जी० एल०एन०जी० पी०एन०जी० एल०एस०एच०एस० (Low Sulphur Heavy Stock), एच०एस०डी० (High Speed Diesel), बायोगैस, बायोफ्यूल, कोल, वुड, पिरूल एवं आर०डी०एफ० (Refuse Derived Fuel) को ईंधन के रूप में अनुमन्य किये गये हैं। प्रदूषणकारी ईंधन जैसे-पैट कोक एवं फनॅश ऑयल का प्रयोग मार्च, 2024 तक पूर्ण रूप से बन्द किया जाना है।

ई-वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इलैक्ट्रिक दोपहिया एवं चार पहिया वाहनों के क्रय किये जाने पर प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है।

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा गंगा नदी में 38 स्थानों पर तथा राज्य में कुल 112 स्थानों पर नदियों एवं भू-जल की जल गुणवत्ता का नियमित रूप से अनुश्रवण किया जा रहा है।

पर्यावरण के साथ-साथ अर्थव्यवस्था के सभी सकारात्मक एवं नकारात्मक अंतःक्रियाओं तथा पर्यावरण पर अर्थव्यवस्था के प्रभावों एवं अर्थव्यवस्था में पर्यावरण के योगदान के दृष्टिगत सकल पर्यावरणीय उत्पाद को परिभाषित कर क्रियान्वयन की रूपरेखा तैयार की गयी है।

राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जी०डी०पी०) दो लाख सत्ताइस हजार चार सौ एक्कीस करोड़ रुपये है। स्थायी भाव पर आर्थिक विकास दर 6.55 प्रतिशत है और प्रचलित मूल्य पर राज्य निवल घरेलू उत्पाद के आधार पर राज्य के लिए अनुमानित प्रति व्यक्ति आय एक लाख छिहत्तर हजार सात सौ चौवालिस रूपये है।

भारत सरकार द्वारा संचालित आकांक्षी जिला कार्यक्रम (एण्डी०पी०) की तर्ज पर राज्य के सोलह सर्वाधिक पिछडे विकास खण्डों को आकांक्षी विकास खण्डों के तौर पर अभिचिन्हित किया गया ताकि ये विकास खण्ड भी विकसित विकास खण्डों के समक्ष आ सकें।

राजस्व वसूली हेतु रिकवरी सर्टिफिकोट सिस्टम (आर०सी०एस०) तथा खतौनी में ऋण अंकन हेतु लोन एंट्री सॉफ्टवेयर का पूरे प्रदेश में संचालन किया गया।

स्वामित्व योजना के अन्तर्गत अधिसूचित ग्रामीण क्षेत्रों के राजस्व ग्रामों के सापेक्ष ड्रोन सर्वेक्षण की कार्यवाही में सात हजार तीन सौ तिरसठ ग्रामों में ड्रोन फ्लाइंग पूर्ण की जा चुकी है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत नौ लाख तेरह हजार कृषकों को दिनांक 30.11.2021 तक तेरह अरब अढानबे करोड़ तीन लाख की धनराशि हस्तारित की गयी है।

उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार अधिनियम, 2011 के अन्तर्गत उन्तीस विभागों की दो सौ अड़सठ सेवाओं को अधिसूचित किया गया है।

सरकार द्वारा सामुदायिक रेडियो स्टेशनों की स्थापना के प्रोत्साहन हेतु आपदा प्रबन्धन विभाग द्वारा सामुदायिक रेडियो स्टेशनों के लिए प्रोत्साहन नीति निर्गत की गयी है।

केन्द्रीय जल आयोग से नदियों में बाढ़ आने की स्थिति में जन-मानस को पूर्व जानकारी उपलब्ध कराने हेतु अर्लीवार्निंग सिस्टम (Ews) स्थापित किये जाने की कार्यवाही गतिमान है।

नैनीताल के मुक्तेश्वर में अवस्थापित किये गये डॉप्लर रडार का संचालन सुचारू रूप से प्रारम्भ हो गया है। सुरकण्डा एवं लैंसडाउन में भी डॉप्लर रडार की स्थापना का कार्य प्रगति पर है।

ग्राम पंचायत क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायतों के माध्यम से सम्पादित होने वाले विकास कार्यों की गुणवत्ता एवं कार्यपूर्ति हेतु विकास खण्ड तथा जिला स्तर पर कार्यदायी अधिकारी बनाये गये हैं।

नाना जी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा ग्राम पंचायत दियाड़ी, नौगाँव, उत्तरकाशी को वर्ष 2021 हेतु उत्कृष्ट पंचायत के रूप चयनित किया गया है।

ग्राम पंचायत बादामवाला, विकासनगर, देहरादून को भारत सरकार द्वारा वर्ष 2021 में बाल हितैषी पुरस्कार के अन्तर्गत चयनित किया गया है।

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा वर्ष 2021 में एक हजार पाँच सौ भटठानबे व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता एवं सात सौ बीस व्यक्तियों को निःशुल्क सलाह एवं परामर्श दिया गया।
सिंचाई को लेकर अभिभाषण में मुख्य बातें

जलागम विकास योजनाओं का मूल उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों यथा भूमि, जल एवं वनस्पतियों का संवर्धन, संरक्षण एवं सुनियोजित प्रबन्धन करना है।

उत्तराखण्ड विकेन्द्रीकृत जलागम विकास परियोजना-2 के अन्तर्गत राजस्व ग्रामों के छियासठ हजार परिवार लाभान्वित हुए हैं।

वित्तीय वर्ष 2021-22 में केन्द्र पोषित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-वाटररीड डेवलपमेन्ट कम्पोनेंट-2 की बारह परियोजनायें स्वीकृत हुई है।

लघु सिंचाई विभाग द्वारा प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महामियान योजना (PM (KUSUM) के अन्तर्गत किसानों के डीजल संचालित पम्पसेटों को सोलर पम्पसेटों में परिवर्तित किये। जाने का कार्य गतिमान है।

राज्य में सर्वेक्षण अनुमानों के अनुसार उत्तराखण्ड राज्य का कुल शुद्ध बोया गया क्षेत्रफल 7142 लाख हेक्टेयर है, जिसमें सिंचाई विभाग द्वारा सकल सिंचित क्षेत्रफल 3231 लाख हेक्टेयर है एव विगत 05 वर्षों में सिंचित क्षेत्रफल में 0.089 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है।

जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना में गौला नदी पर हल्द्वानी शहर से 10 किमी० अपस्ट्रीम में 136.60 मी० ऊँचा कंक्रीट ग्रेविटी बांध निर्मित किया जाना प्रस्तावित है।

देहरादून एवं उपनगरीय क्षेत्र हेतु सुनिश्चित पेयजल आपूर्ति के लिए सौंग नदी पर सौंग पेयजल बांध योजना बनायी जानी प्रस्तावित है।

राज्य में प्राकृतिक स्त्रोतों के पुनर्जीविकरण एवं वर्षा जल के पेयजल तथा सिंचाई में प्रयोग को बढ़ावा देने हेतु कई जलाशयों के निर्माण कार्य प्रारम्भ कराये गये हैं।

जल संवर्द्धन एवं संरक्षण के अन्तर्गत जिला पौड़ी में ल्वाली झील के निर्माण की ••योजना निर्माणाधीन है।

नागरिक एवं खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा ‘वन नेशन वन राशन कार्ड योजना राज्य में लागू की गयी।

कोविड-19 के दृष्टिगत लॉकडाउन की अवधि में लगभग दस लाख परिवारों को 20 कि०ग्रा० खाद्यान्न प्रति माह प्रति राशन कार्ड सब्सिडाईज्ड दरों पर वितरित किया गया है।

मुख्यमंत्री दाल पोषित योजना के अन्तर्गत लगभग तेइस लाख राशन कार्डधारको (अन्त्योदय प्राथमिक परिवार एवं राज्य खाद्य योजना) को सब्सिडाइज्ड दरों पर 02 कि०ग्रा० दाल प्रति राशन कार्ड प्रतिमाह उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य में रोजगार को लेकर अभिभाषण में ज़िक्र

राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के युवाओं को रोजगार, सत्त आजीविका एवं स्वरोजगार उपलब्ध कराने हेतु महत्वपूर्ण प्रयास किये गये हैं।

राज्य सरकार द्वारा विभिन्न प्रशासकीय विभागों के अन्तर्गत छिहत्तर हजार नौ सौ उनहत्तर (76969) पदों पर नियमित नियुक्तियाँ प्रदान की गयी एवं एक हजार पाँच सो चौवन (1554) पदों का अधियाचन उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग को प्रेषित किया गया है।

उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा परीक्षाओं को आधुनिक व नई तकनीक से कराये जाने की दृष्टि से ऑनलाइन परीक्षायें प्रारम्भ की गयी।

ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा की आवश्यकताओं की पूर्ति तथा कृषकों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान किये जाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजनान्तर्गत आठ प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

कोविड-19 के पश्चात् प्रदेश में लौटे प्रवासियों को स्वरोजगार की ओर प्रेरित करने के लिये उत्तराखण्ड राज्य में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना लागू की गई है। समस्त सेवायोजन कार्यालय एवं कैरियर काउंसलिंग सेन्टर के माध्यम से कैरियर वार्ताओं का आयोजन किया जा रहा है।

राज्य के युवाओं एवं युवतियों को रोजगार सृजन हेतु मुख्यमंत्री ई-रिक्शा कल्याण योजना के अधीन ई-रिक्शा खरीद हेतु 09 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर ऋण वितरित किया जा रहा है।

दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजनान्तर्गत ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित कर एक हजार पाँच सौ दस युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया।

रोजगार परक व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत चौबीस हजार तीन सौ अढानबे (24398) युवाओं को प्रशिक्षित किया गया जिसमें छह हज़ार पाँच सौ एक (6501) युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है तथा नौ हजार छह सौ सोलह (9616) युवाओं द्वारा स्वरोजगार अपनाया गया है।

राज्य के प्रत्येक जिले से दो उत्पादों को चिन्हित करते हुए उनके उत्पादन को बढ़ावा दिये जाने हेतु एक जनपद दो उत्पाद योजना प्रारम्भ की गयी है।

छोटे व्यवसायियों एवं उद्यमियों को मजबूत बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री स्वरोजगार अति सूक्ष्म (नैनो) उद्यम योजना के अंतर्गत पचास हजार रूपये तक का ऋण बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराया जायेगा।

मुख्यमंत्री सीमान्त क्षेत्र विकास योजना के अन्तर्गत प्रदेश के नौ सीमान्त विकासखंडों में आवासित परिवारों को सतत आजीविका एवं स्वरोजगार के बेहतर संसाधन उपलब्ध कराते हुए सीमान्त क्षेत्रों से पलायन रोकने का प्रयास किया जा रहा है।

 

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